दर्द के बाजार.. 🙆 🙎
दर्द भी सरे बाजार अब बिकने लगें हैं।
जितना गहरा जख्म उतने ही ऊंचे दाम लगने लगे हैं।
दिखती नहीं थी जिनको खामोशियां कभी
सीने से लगाकर हमें वो भी अब सिसकने लगें हैं।
दर्द के बाजार बेरहमियों से सजने लगे हैं।
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