उसने जब भी चाहा…
अपने ही ख्याल से माना मुझे
……कभी पूनम तो कभी अमावस की रात माना
मुझे कभी पूछी ही नहीं मुझसे चाहत मेरी
बस अपने हिसाब से हर बार आजमाया मुझे।
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Bahut khoob Yaado ka ehsaas hai
Bilkul sahi baat hai!